निम्नलिखित रोगों की रोकथाम और उपचार के लिए:
मुर्गीपालन, कबूतर: सीआरडी, सी-सीआरडी, माइकोप्लाज्मोसिस, कोलीबैसिलियोसिस, साल्मोनेलोसिस, साइनसाइटिस, पेस्टुरेलोसिस, क्लैमाइडिया और रिकेट्सिया।
इलाज:
मुर्गियां, बत्तखें, बटेर, कबूतर: 5-7 दिनों तक लगातार पीने के पानी के प्रति लीटर में 1 ग्राम।
रोकथाम:
उपचार की आधी खुराक लगातार 3-5 दिनों तक लें।
उन जानवरों में इसका प्रयोग न करें जो डॉक्सीसाइक्लिन और कोलिस्टिन के प्रति अतिसंवेदनशील होने के लिए जाने जाते हैं।
वध से 5 दिन पहले।
इसे 30℃ से नीचे, सूखी जगह पर रखें और प्रकाश से बचाकर रखें।